CG Weather News Today: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से यानी बस्तर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम में इस बदलाव का कारण बंगाल की खाड़ी के आसपास बनी मौसमी प्रणालियां बताई जा रही हैं। हालांकि, पूरे प्रदेश में लगातार बारिश होने की संभावना नहीं है।
🌧️ क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण भारत के कोमोरिन क्षेत्र से लेकर ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक एक ट्रफ बना हुआ है। यह मौसमी सिस्टम तमिलनाडु के आसपास के समुद्री क्षेत्र को भी प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से और बिहार के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बादलों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
बस्तर संभाग में आंधी और बारिश का अलर्ट
प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। बस्तर संभाग के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
राजनांदगांव में 20 मिमी बारिश दर्ज
प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का असर दिखाई देने लगा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, राजनांदगांव जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पता चलता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान और मौसम की स्थिति में अंतर बना हुआ है।
अगले दो दिनों तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रह सकती है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में इसका असर अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दे सकता है। हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना नहीं है और कई क्षेत्रों में मौसम शुष्क भी रह सकता है।
आंधी और बिजली गिरने के दौरान बरतें सावधानी
मौसम खराब होने पर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले स्थानों से हटकर किसी सुरक्षित इमारत में चले जाएं। पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली के खंभों तथा तारों से दूरी बनाए रखें। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को भी मौसम की चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए।

